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0 सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई मुख्यमंत्री ने
सड़क दुर्घटनाओं में हर साल के आंकड़े देखें तो आप सब आश्चर्यचकित हो जाएंगे। 10 हजार मौतों में से 70 प्रतिशत दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से हुई हैं और उसमें भी 16 वर्ष के युवाओं से लेकर 40 वर्ष उम्र तक के लोग काल कवलित हुए हैं। गांवों में अब साईकिलों से अधिक मोटरसायकिलें हो गई हैं। तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले युवा ये भी नहीं सोचते कि उनकी ऐसी लापरवाही से देश, प्रदेश का कितना नुकसान हो रहा है। लोग 50 हजार रूपए का वाहन तो खरीद सकते हैं, पर हजार, बारह सौ रूपए का हेलमेट खरीदने में कोताही करते हैं।
जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव व कृषि एग्रीटेक मेले के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए सुरक्षा के उपाय करने की जरूरत बताई। उन्होंने आगे कहा कि राखी के त्योहार में बहनों को अपने भाई से वचन मांगना चाहिए कि वे सड़क पर सुरक्षात्मक तरीके से वाहन चलाएं और सुरक्षा की अनदेखी न करें।
राज्य में पिछले साल से शुरू की गई संजीवनी 108 एम्बुलेंस सेवा की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री डा. सिंह ने कहा कि एक साल में ही संजीवनी एम्बुलेंस में लगभग 600 बच्चों का जन्म हुआ है और हजारों लोगों की जान भी बचाई गई है। मानव जीवन बचाना हम सबका परमधर्म है, आने वाले समय में इस सेवा से राज्य की मृत्यु दर में कमी आएगी।
0 बुजुर्ग ग्रामीण ने मुख्यमंत्री से कहा
0 कोसमंदा में उतरा मुख्यमंत्री का उड़नखटोला
मुख्यमंत्री डॉं. रमनसिंह जब कोसमंदा गांव पहुंचे तो एक बुजुर्ग ग्रामीण को भीड़
में जद्दोजहद करते देखकर उन्होंने अपने पास बुला लिया और पूछा - राम राम बबा, कईसे आए हस, कुछु समस्या हे का। तब बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री को जवाब दिया - नईं साहेब, तूंहर दरसन करे आए हवं। ग्रामीण की भावना से मुख्यमंत्री डा. सिंह काफी द्रवित हो गए, उसके बाद गांव की कई समस्याओं का निराकरण करने की लिए सौगातों की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री ने गांव के युवकों की किक्रेट टीम को सामान खरीदने के लिए 10 हजार रूपए अनुदान देने की घोषणा भी की।
में जद्दोजहद करते देखकर उन्होंने अपने पास बुला लिया और पूछा - राम राम बबा, कईसे आए हस, कुछु समस्या हे का। तब बुजुर्ग ने मुख्यमंत्री को जवाब दिया - नईं साहेब, तूंहर दरसन करे आए हवं। ग्रामीण की भावना से मुख्यमंत्री डा. सिंह काफी द्रवित हो गए, उसके बाद गांव की कई समस्याओं का निराकरण करने की लिए सौगातों की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री ने गांव के युवकों की किक्रेट टीम को सामान खरीदने के लिए 10 हजार रूपए अनुदान देने की घोषणा भी की।ग्राम सुराज अभियान के तहत चौथे दिन सवेरे राजधानी से हेलीकाप्टर द्वारा रवाना होकर सबसे पहले अचानक जांजगीर-चांपा जिले के विकासखण्ड डभरा के ग्राम कोसमंदा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने गांव में चौपाल शैली में ग्रामीणों के साथ बैठकर स्थानीय समस्याओं और जरूरतों के बारे में लोगों से पूछताछ की। डॉं. सिंह ने कोसमंदा में ग्रामीणों की वर्षो पुरानी मांग को पल भर में स्वीकृति देते हुए वहां सिंचाई सुविधा के लिए नहर निर्माण कराने का ऐलान किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्वागत् किया। किसानों का कहना था कि नहर बन जाने पर संपूर्ण कोसमंदा गांव व आसपास के गांवों में पर्याप्त सिंचाई हो सकेगी, इससे वहां हर मौसम में खेती हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने सपोस से कोसमंदा नहर निर्माण हेतु ग्रामीणों की सहमति प्राप्त कर नहर निर्माण की कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने ग्राम कोसमंदा तथा बगरैल में मंगल भवन निर्माण की मांग भी तुरंत पूरी कर दी। उन्होंने वहां सपोस से कोसमंदा और बगरैल तक 25 कि.मी.डब्ल्यू.बी.एम. सड़क निर्माण करने के निर्देश दिये जिसे बाद में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कोसमंदा एवं बगरैल में सीमेंट कांक्रीट सड़क बनवाने की घोषणा की। उन्होने कोसमंदा में तालाब गहरीकरण कार्य कराने कहा। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने ग्रामीणों की मांग पर कोसमंदा में एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने तथा पानी टंकी का निर्माण करने के निर्देश भी दिये। डॉं. सिंह ने ग्रामीणों की मांग पर गाड़ापाली में अतिरिक्त नल कूप खनन एवं पम्प लगाने के भी निर्देश दिये। डॉं. सिंह ने ग्रामीणों को ग्राम सुराज अभियान के उद्देश्यों की भी जानकारी दी। उन्होने ने ग्रामीणों की अन्य समस्याओं के निराकरण हेतु अधिकारियों को गॉंव में शिविर लगाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ग्राम कोसमंदा में 24 अप्रैल 2011 को शिविर लगाया जायेगा जिसमें विभागीय अधिकारी उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करेगें। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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