मय से मयकदा से, इश्‍क इक अदा सेजिंदगी है आज मेरी, तेरी ही सदा सेमय से मयकदा से........सुर्ख सुर्ख आंखों में अश्‍क थे भरेमेरी ये दिले हालत क्‍या बयां करेंअलविदा करके तुझे हो गए जुदा सेमय से मयकदा से्....तू नहीं तो ऐ दिलबर, जाम साथ हैफानी दुनिया में जीना अपने हाथ हैअब शिकवा किससे करें, खुद से या खुदा सेमय से मयकदा से.....
केन्‍द्र में सत्‍तारुढ यूपीए नीत गठबंधन की कांग्रेस सरकार अल्‍पमत में आने की स्थिति में है। खिचडी सरकारों का कामकाज वैसे भी सहयोगी दलों के दबाव में चलता है, और कई मुददों पर सत्‍तासीन सरकार को शर्मनाक स्थिति से गुजरना पडता है। आम जनता की हितों के मुददों को राजनीतिक दबाव के चलते रोक दिया जाता है। केन्‍द्र सरकार का कार्यकाल अब अंतिम बरस में है और हर बार कुछ मुददों को लेकर सरकार के खिलाफ आंखे तरेरने वाले वाम मोर्चा का आक्रोश नूरा कुश्‍ती ही साबित होता आया है। कई बार तो वाम दलों का यह खोखला विरोध देखकर लगता है कि उनकी सिर्फ आंखे...

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दैनिक छत्‍तीसगढ में ब्‍यूरो चीफ जिला जांजगीर-चांपा
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